शहर में बारिश

इस शहर में बारिश भी, मोहल्लाओं की औकात देखकर होती है. जहाँ हॉस्टल की छतों पर खूबसूरत लड़कियाँ पानी में नाचने आ सके, जहाँ बीच सड़क पर भीगती लड़कियों की तस्वीर लेने पत्रकार साहब आसानी से पहुँच सके. पेपरों में आजतक लड़क़ों के बारिश में भीगने की तस्वीर नहीं देखी है. सब के हैडलाइन में "बारिश ने किया गर्मी को शांत, मौसम हुआ सुहावना" और फ़ोटो के नीचे "मानसून की पहली बारिश में आनंद लेते बच्चे". उन बच्चों में लड़के नहीं आते शायद.
जिस मोहल्ले में लड़कियाँ आजाद नहीं है, जिधर नहाने पर रोक है, जहाँ के कमरों का किराया कम है उधर बारिश नहीं. बारिश रोड में ससमय होगी और औआते-बौआते. बाज़ार , नया टोला, जैसे इलाकों में तो अकाली पड़ जाता है समय पर. फिर जो बच जाती है, वह यहाँ होती है.
( शहर में मानसून )


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